अल्जीरिया ने फीफा के खिलाफ कराई शिकायत दर्ज है।

अल्जीरियाई फुटबॉल फेडरेशन ने वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के खिलाफ़ अपनी शुरुआती 3-0 की हार के दौरान रेफरी की तरफ़ से हुई "नाइंसाफी" को लेकर FIFA में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई।

अल्जीरिया ने फीफा के खिलाफ कराई शिकायत दर्ज है।
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अल्जीरियाई फुटबॉल फेडरेशन (FAF) ने FIFA की रेफरीइंग कमिटी के पास आधिकारिक तौर पर शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत 2026 FIFA वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के खिलाफ 3-0 की हार के दौरान हुई "रेफरीइंग नाइंसाफी" को लेकर है। अल्जीरियाई फेडरेशन ने पोलिश रेफरी सिमन मार्सिनियाक और उनकी वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) टीम के प्रति गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने खास तौर पर तीन ऐसी बड़ी घटनाओं का जिक्र किया है जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और उनका मानना ​​है कि इन्हीं घटनाओं ने कैनसस सिटी में खेले गए ग्रुप J मैच का नतीजा बदल दिया।

शिकायत में मुख्य बातें:-

लियोनेल मेसी का टैकल: 30वें मिनट में, लियोनेल मेसी ने अल्जीरियाई कप्तान आइसा मांडी को पीछे से टैकल किया, जिसमें उनके जूते के स्टड्स मांडी की पिंडली (calf) और एच्लीस टेंडन पर सीधे लगे। VAR रिव्यू के बावजूद, मेसी को रेड कार्ड नहीं मिला, वे मैदान पर बने रहे और बाद में हैट्रिक भी लगाई।

एलेक्सिस मैक एलिस्टर की कोहनी: दूसरे हाफ के दौरान, मिडफील्डर एलेक्सिस मैक एलिस्टर ने पेनल्टी बॉक्स के अंदर अपनी कोहनी उठाकर अल्जीरिया के इब्राहिम माज़ा के चेहरे पर मारा और उन्हें रोकने की कोशिश की। रेफरी मार्सिनियाक सिर्फ़ एक मीटर दूर थे, लेकिन उन्होंने न तो पेनल्टी दी और न ही कोई कार्ड दिखाया।

तीसरी घटना (बाहर भेजने वाली): FAF के सूत्र ने बताया कि मैच के दौरान कोहनी मारने की एक और घटना हुई थी जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि नियम के मुताबिक खिलाड़ी को मैदान से बाहर भेजा जाना चाहिए था।

व्यापक असर: मेसी के टैकल पर कोई कार्रवाई न होने से सोशल मीडिया पर दुनिया भर में बड़ी बहस छिड़ गई है। फैंस और एनालिस्ट सवाल उठा रहे हैं कि क्या उनके महान खिलाड़ी होने की वजह से अधिकारियों ने उनके साथ नरमी बरती। दक्षिण अफ्रीका के कोच ह्यूगो ब्रूस ने तो सार्वजनिक रूप से इस फैसले की आलोचना भी की। उन्होंने मेसी के साथ बरती गई नरमी की तुलना अपने खिलाड़ी थेम्बा ज़वाने को मिली तीन मैचों की कड़ी सज़ा से की, जिन्हें टूर्नामेंट की शुरुआत में कहीं कम गंभीर गलती के लिए सज़ा दी गई थी। NBC 24  के लिए पटना से अफ़ीफ़ा निज़ामी की रिपोर्ट।